क्या सच में 900 साल की उम्र तक जीते हैं तक्षक सांप?

लखीमपुर में एक सांप पकड़ा गया है. जिसे ऐतिहासिक तक्षक सांप बताया जा रहा है. उसकी उम्र 900 साल के आसपास बताई जा रही है, क्या वास्तव में सांप इतना जीते हैं?

क्या सच में 900 साल की उम्र तक जीते हैं तक्षक सांप?
तक्षक सांप तीन रंगों का होता है

लखीमपुर में एक पुराना तक्षक सांप पकड़ा गया है. जिसकी उम्र 900 साल बताई जा रही है. इसके बाद ही सांपों की उम्र को लेकर चर्चाओं ने जोर पकड़ना शुरू कर दिया. वास्तव में सांपों की अधिकतम उम्र कितनी होती है. क्या कोई सांप सौ साल से ज्यादा जीवित रहता है.

भारतीय मिथकों के अनुसार प्राचीन समय में सांपों की उम्र खासी ज्यादा बताई गई है. यद्यपि कहीं भी इसका ढंग से उल्लेख तो नहीं हुआ है लेकिन कई सांपों के बारे में कहा जाता है कि वो सौ साल से ऊपर जीते थे. कुछ सांपों के बारे में कहा गया कि वो 500 साल से ज्यादा जीते हैं लेकिन क्या वास्तव में ऐसा होता है. क्या मौजूदा समय में कोई ऐसा सांप मौजूद है, जिसकी उम्र काफी ज्यादा हो.

हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, तक्षक सांप की उम्र खासी ज्यादा होती थी. ये कई सौ साल जीते थे. लेकिन मौजूदा विज्ञान इसे सही नहीं ठहराता. विज्ञान और सांपों की जानकारी देने वालीं किताबें कहती हैं कि दुनिया का कोई भी सांप 40-45 साल से ज्यादा समय तक जीवित नहीं रहता.

क्या है पुराणों में तक्षक सांप की चर्चा

पहले चर्चा तक्षक सांप की. ये कैसे होते हैं और भारतीय पौराणिक कथाओं में इनका क्या जिक्र होता है. इसके अनुसार पाताल के आठ नागों में एक नाग का नाम तक्षक था, जो कश्यप का पुत्र था. राजा परीक्षित को इसी ने काटा था. इसके चलते राजा परीक्षित के बेटे राजा जनमेजय इस पर बहुत बिगड़े. उन्होंने संसार भर के सांपों का नाश करने के लिए सर्पयज्ञ आरंभ किया.

तक्षक सांप को लेकर पौराणिक कथाएं भी प्रचलित हैं

बताते हैं कि तक्षक इससे डरकर इंद्र की शरण में चला गया. इस पर जनमेजय ने अपने ऋषियों को आज्ञा दी कि इंद्र यदि तक्षक को न छोड़ें, तो उन्हें भी मंत्रों के जरिए तक्षक के साथ खींचकर भस्म कर दिया जाए. ऋत्विकों के मंत्र पढ़ने पर तक्षक साथ इंद्र भी खिंचने लगे. तब इंद्र ने डरकर तक्षक को छोड़ दिया. जब तक्षक खिंचकर अग्निकुंड के समीप पहुंचा, तब जनमेजय से प्रार्थना की गई. तक्षक के प्राण बच गए. इसके बाद इस प्रजाति के जो सांप हुए, उन्हें तक्षक कहा जाने लगा. ये रंग और आकार-प्रकार में खास तरह के होते हैं. प्राचीन काल इन सांपों की पूजा भी की जाती थी. तिब्बत, मंगोलिया और चीन के निवासी अब तक अपने आपको तक्षक या नाग के वंशधर बतलाते हैं.

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